सागर से गहरी मैं हूँ
परबत से ऊँची मैं
ज्वाला सी गरम मैं हूँ…
Month: June 2020
शुरुवात
जहा पे दर्द है
वही इक आस है
जहा पे ख़ामोशी
कश्मकश साथ है…
अकेलापन
चाहती हूँ
कुछ कर गुजर जाऊ
जिंदगी के जलसे में!!!
पर…
अजीज़
मेरी बिखरी सी जिंदगी
शायद कभी न जुड़े…
पापा
एक दोस्त है…
पक्का दोस्त!
राज
आँखे कुछ कहे
पर लफ्ज़ कहते नहीं…
और ज्यादा…
मेरा खालीपन मुझसे ये कहता है
‘तू पा सकती है और ज्यादा…
जिंदगी
सिखाया बहोत है
अब जता भी दे…
