उनको याद करते वक्त
ख़याल रखती हूँ
के आँसू की इक…
Month: June 2020
रात बाकी है…
कुछ बाते है ही नहीं
फिर भी कुछ बात बाकी है
दिल तो बहलता नहीं
और ये रात बाकी है…
हादसा
कुछ खाली वक्त
बहोत दिनों बाद आया है
साथ अनगिनत…
तनहाई
ये चार दीवारे
इंतज़ार करती है मेरा…
शाम को थके हारे…
हाँ मै जीना सिख चुकी हूँ
खुदसे खुदको जीत चुकी हूँ
हाँ मैं जीना सीख़ चुकी हूँ…
रिश्ते
नाम क्यों देने है रिश्तो को…
“मैं “
सुकून है… चैन है…
ख़ुशी है… जिंदगी है…
बस…
बेक़सूर
कुसूर तो जज्बातो का है
जो ओस की बूंदो की तरह
तुमसे लिपटे है…
