मेरा खालीपन मुझसे ये कहता है
‘तू पा सकती है और ज्यादा…
Category: Hindi Poems
जिंदगी
सिखाया बहोत है
अब जता भी दे…
दादी
उनको याद करते वक्त
ख़याल रखती हूँ
के आँसू की इक…
रात बाकी है…
कुछ बाते है ही नहीं
फिर भी कुछ बात बाकी है
दिल तो बहलता नहीं
और ये रात बाकी है…
हादसा
कुछ खाली वक्त
बहोत दिनों बाद आया है
साथ अनगिनत…
तनहाई
ये चार दीवारे
इंतज़ार करती है मेरा…
शाम को थके हारे…
हाँ मै जीना सिख चुकी हूँ
खुदसे खुदको जीत चुकी हूँ
हाँ मैं जीना सीख़ चुकी हूँ…
रिश्ते
नाम क्यों देने है रिश्तो को…
