बस खो जाती हूँ खयालो में
और कहि से
Category: Hindi Poems
साथ तुम हो
आज पीछे मुड़ के देखा तो
सब सही नजर आता है
क्यों की आज साथ तुम हो…
पराया
चल रहे
वक्त के हातो में हात थामे
हालात के रास्ते…
कौन
ये ख़्वाब कहा से आते है
कौन उन्हें जगाता है…
अपने तो हम…
अपने तो हम कभी न थे…
ऐ ख़ुदा
ऐ ख़ुदा
मैं तुझे कहा कहा ढूंढ़ती हूँ…
ख़ासियत
बहोत रोक लिया!
पर तुमपे प्यार आ ही जाता है…
चलते रहना है…
मैं कुछ नहीं मुझे पता है
पर सपनो का जहाँ है
उम्मीदे और प्यार…
