किस किस को छोड़ू…
Category: Hindi Poems
भगवान
सबको माँफ कर दू
पर भगवान् को कैसे माँफ करू…
अधूरी…
हमारी अधूरी कहाँनी।
बेजान अल्फ़ाज
कल शायराना सी रात थी… पर फ़साने कोई बने न थे…
किस किस को छोड़ू…
सबको माँफ कर दू
पर भगवान् को कैसे माँफ करू…
हमारी अधूरी कहाँनी।
कल शायराना सी रात थी… पर फ़साने कोई बने न थे…