मैं हूँ अभी भी
तुम्हारे अकेलेपन के लिए
अपने सन्नाटे को आवाज देकर…
Category: Hindi Poems
दास्ताँ
कलम को हातो में थामे
दिल क्या कुछ लिखता है…
तनहाई
कुछ खट्टे कुछ मीठे
ख़याल लाती है
अकेले में दिल को…
काँटे
लोग हैरान है
कितने काँटे है हमारे रास्ते में…
आजमाया
कितनी मन्नतो के बाद
मैंने तुम्हे पाया है…
ऐ जिंदगी…
ऐ जिंदगी
तेरा लाख लाख शुक्रिया…
साया
सुलगती रातो में
रोते हुए दिल को थामे…
ख़ुशी
लोग बहोत खुश है
बहोत कुछ पा कर
पर…
