कुछ खामोश तनहासी लम्होमे
कुछ दब गए से किस्सो की
बारात निकल ही आती है…
पूरा पढ़िए
Tag: hindi kavita
इरादे
तनहाई की चादर पे
उम्मीदों की बुनाई…
सांज सवेरे आते जाते
यादे ढेर सी आई…
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कुछ खामोश तनहासी लम्होमे
कुछ दब गए से किस्सो की
बारात निकल ही आती है…
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तनहाई की चादर पे
उम्मीदों की बुनाई…
सांज सवेरे आते जाते
यादे ढेर सी आई…
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