चल रहे
वक्त के हातो में हात थामे
हालात के रास्ते…
Tag: poems
कौन
ये ख़्वाब कहा से आते है
कौन उन्हें जगाता है…
अपने तो हम…
अपने तो हम कभी न थे…
ऐ ख़ुदा
ऐ ख़ुदा
मैं तुझे कहा कहा ढूंढ़ती हूँ…
ख़ासियत
बहोत रोक लिया!
पर तुमपे प्यार आ ही जाता है…
चलते रहना है…
मैं कुछ नहीं मुझे पता है
पर सपनो का जहाँ है
उम्मीदे और प्यार…
दर्द कुछ कम है…
दिल है उदास
आँखे भी नम है
पर अभी भी दर्द कुछ कम है…
गुरुर
ऐ सख़्त इंसान
इतने भी ना कर सितम…
