बहोत रोक लिया!
पर तुमपे प्यार आ ही जाता है…
Tag: shayri
चलते रहना है…
मैं कुछ नहीं मुझे पता है
पर सपनो का जहाँ है
उम्मीदे और प्यार…
दर्द कुछ कम है…
दिल है उदास
आँखे भी नम है
पर अभी भी दर्द कुछ कम है…
गुरुर
ऐ सख़्त इंसान
इतने भी ना कर सितम…
ग़म
पता नहीं ऐ गम
मैंने तुझे क्यों चुना…
हाँ हम जी रहे है
बस ये पल है
इनमे साँस ले रहे है
हाँ हम जी रहे है
सफलता के बहोत दोस्त है
मिले तो खुश
वरना…
बुढ़ापा
बुझे बुझे सपने
याद दिलाते है
के मैं भी कभी जवान थी…
इंद्रधनुषी ख्वाईशो से
आसमा में मेरी उड़ान थी…
जिंदगी
फूल तो खिलना चाहते है
पर रौषनी नसीब नहीं…
